मुझे मालूम हो चुका है क्यों दूर-दूर रहती हो आजकल अपने इरादे बदलकर कुछ और ख्वाब देखने लगी हो कभी ख्वाबों में नहीं सोच सकता था तुम्हारे जैसी अप्सरा मेरे जिंदगी में आएगी आज मेरी हर सोच हकीकत में बदल गई है कोई ऐसा उपाय करो तुम भी खुश रहो और हम भी खुश रहें क्या मिलेगा तुम्हें मेरी जिंदगी बर्बाद करके तेरी मोहब्बत का मेरे दिल में जुनून है वह मेरे दिल का सुकून है
SHAYARI
Shayari sangrah gorakhpur